लखनऊ। गोसाईगंज विधायक अभय सिंह को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने जानलेवा हमले के मामले में दोषमुक्त करार दिया है। कोर्ट ने परीक्षण अदालत (अंबेडकर नगर कोर्ट) के फैसले को बरकरार रखते हुए उन्हें राहत दी है।
क्या था मामला?
साल 2010 में अयोध्या के महाराजगंज थाने में विकास सिंह ने अभय सिंह और उनके साथियों के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। मामला बाद में अंबेडकर नगर कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया। 10 मई 2023 को अंबेडकर नगर कोर्ट ने अभय सिंह और अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया था।
फैसले में मतभेद के चलते मामला तीसरे जज को भेजा गया
इस फैसले के खिलाफ विकास सिंह ने हाईकोर्ट में अपील की थी। 20 अप्रैल 2024 को हाईकोर्ट की दो जजों की बेंच ने सुनवाई के बाद विभाजित फैसला सुनाया:
न्यायमूर्ति ए.आर. मसूदी ने अभय सिंह को दोषी करार देते हुए 3 साल की सजा सुनाई थी।
न्यायमूर्ति अजय कुमार श्रीवास्तव प्रथम ने परीक्षण अदालत का फैसला बरकरार रखते हुए उन्हें बरी कर दिया था।
फैसलों में मतभेद के कारण मामला तीसरे जज, न्यायमूर्ति राजन रॉय को भेजा गया, जिन्होंने आज अभय सिंह को दोषमुक्त करार दिया। इस तरह 2:1 के बहुमत से विधायक अभय सिंह को बड़ी राहत मिली है।
अभय सिंह को बड़ी जीत, समर्थकों में खुशी
फैसले के बाद अभय सिंह ने कहा, “सच की हमेशा जीत होती है। न्यायपालिका पर मेरा पूरा विश्वास था।” कोर्ट के फैसले के बाद उनके समर्थकों ने लखनऊ और गोसाईगंज में जश्न मनाया, मिठाइयां बांटी और खुशी का इजहार किया।
राजनीतिक प्रभाव:
इस फैसले से अभय सिंह की छवि और राजनीतिक स्थिति मजबूत हुई है। आगामी चुनावों में इसका लाभ उन्हें मिल सकता है।