अयोध्या : राम मंदिर में अब भक्त भी रामलला की सेवा कर सकेंगे. झांकी उत्सव में शामिल होने के अलावा भोग भी लगा सकेंगे. आरती उतारने का भी मौका मिलेगा. इसके लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा. वहां से स्वीकृति मिलने के बाद ही सेवा का अवसर मिलेगा. ट्रस्ट की ओर से इसे लेकर योजना तैयार की जाएगी। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि देश-दुनिया के काफी लोग रामलला की सेवा के लिए उत्सुक हैं. भक्तों ने रामलला की आरती उतारने के साथ उन्हें भोग अर्पित करने की भी इच्छा जताई है. इस पर राम मंदिर ट्रस्ट एक विस्तृत पारदर्शी योजना तैयार करेगा. ट्रस्ट की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर भक्त इसकी स्वीकृति ले सकेंगे। वहीं रविवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के न्यासियों की एक दिवसीय बैठक हुई. इसमें 12 सदस्य मौजूद रहे. सात सदस्य बैठक स्थल मणिरामदास छावनी में उपस्थित रहे तो वहीं 5 सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े. बैठक में ट्रस्ट के सदस्य रहे कामेश्वर चौपाल और पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
बैठक के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव ने बताया कि राम मंदिर का कार्य जून 2025 तक पूरा हो जाएगा. 96% कार्य किया जा चुका है. परकोटा का कार्य 70% तक हो चुका है. इसके सितंबर 2025 तक पूरा होने की संभावना है. राम मंदिर परिसर में शबरी निषाद राज और अन्य ऋषियों के मंदिर का कार्य मई तक पूरा कर लिया जाएगा। महासचिव ने बताया कि भगवान शेषावतार मंदिर का कार्य अगस्त तक पूरा होने की उम्मीद है. 40% काम पूरा हो चुका है. राम मंदिर परिसर स्थित यात्री सुविधा केंद्र में तुलसीदास की प्रतिमा का अनावरण आगामी रामनवमी पर मानस जयंती के दिन किया जाएगा। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को बीते 5 वर्षों में समाज ने भगवान श्रीराम में आस्था जताते हुए चांदी भेंट की थी. इसके शुद्धिकरण के लिए भारत सरकार की संस्था टकसाल मिंट को सौंपा गया था. संस्था को 944 किलो चांदी दी गई. इसे गलाने के बाद 92% चांदी शुद्ध पाई गई है. जिसकी 20-20 किलो की ईंट ट्रस्ट को मिली है।राम मंदिर से जुड़े कुछ स्थानों पर दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को कम खर्च में रुकने की व्यवस्था के लिए योजना बनाई गई है. ट्रस्ट यात्री निवास तैयार करेगा. ट्रस्ट की बैठक में इसकी स्वीकृति प्राप्त हो गई है. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय बताया कि यात्री निवास का निर्माण दान से कराया जाएगा. इसके लिए दानदाताओं के नाम से पत्थर भी लगाए जाने की योजना है।