लखनऊ। अखिलेश यादव ने एक बार फिर से इशारों में यह स्पष्ट किया है कि वह कांग्रेस को दस से ज्यादा सीटें नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि सीटों की बातचीत सपा की ओर से राम गोपाल वर्मा कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन के बीच सीटों का बंटवारा कैसे होगा इस पर अखिलेश यादव ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि कौन सी सीट किसको मिलेगी इस पर बातचीत चल रही है। सपा के प्रमुख महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव को वार्ता की जिम्मेदारी दी गई है। वर्ष 2019 व 2022 चुनाव का आंकड़ा हम लोगों के सामने है। उसके आधार पर ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। अखिलेश इसके पहले भी यह बात कई बार कह चुके हैं कि इंडिया गठबंधन में सहयोगियों को सीटें मिलने का आधार 2019 का लोकसभा चुनाव और 2022 में यूपी का विधानसभा चुनाव होगा। उधर कांग्रेस लगातार 35 से ऊपर सीटें लड़ने की बात कह रही है। मालूम हो कि 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को यूपी में एकमात्र सीट मिली थी। यह सीट रायबरेली से सोनिया गांधी ने जीती थी। राहुल गांधी खुद अमेठी से अपनी सीट हार गए थे। अखिलेश ने कहा कि अग्निवीर योजना पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक)युवाओं को सेना में जाने से रोकने के लिए लाई गई है। खुद सैन्य अफसर ने कहा कि वर्ष 2027 तक सेना में एक लाख की संख्या कम हो जाएगी। भाजपा सरकार जानती है सेना में पीडीए के लोग ज्यादा हैं। पहले उन्हें सेना की नौकरी मिल जाती थी तो घर में खुशहाली आती थी। भाजपा सरकार ने जानबूझकर अग्निवीर योजना लाकर इन नौजवानों को अपमानित करने का काम किया है। प्रयागराज के एक हॉस्टल में छात्रों की सुविधाओं में कटौती पर कहा कि पीडीए का बजट काटकर उसे विशेष आयोजनों पर लगाया जा रहा है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम के नाम पर हमें अपमानित न करें। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का उन्हें कोई निमंत्रण नही मिला। कोई कुरियर भी अभी तक नहीं आया। न घर पर और न दफ्तर में। अखिलेश यादव ने ये बातें शुक्रवार को प्रदेश पार्टी मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं।उन्होंने कहा कि पता चला है कि उनके लिए 22 जनवरी का निमंत्रण कुरियर के माध्यम से भेजा गया, लेकिन यह कुरियर उन्हें आज तक प्राप्त नहीं हुआ है। अखिलेश ने कहा, मीडिया के लोग ही मुझे भेजे गए कुरियर की रसीद उपलब्ध करवा दें। अखिलेश ने यह भी कहा कि जिस तरह से निमंत्रण की खबर फैलाई जा रही है, उससे मुझे उसी तरह से अपमानित किया जा रहा है, जैसे हमारे सत्ता से जाने के बाद मुख्यमंत्री आवास को गंगाजल से धुलवाकर अपमानित किया गया था।