लखनऊ में सरोजनीनगर के भटगांव में हुए डिफेंस कॉरिडोर भूमि घोटाले में चार पीसीएस अधिकारियों पर कार्रवाई तय है। इस मामले में एफआईआर की भी तैयारी है। घोटाले में तीन दशक पूर्व के अधूरे पट्टे को भूमिधरी दिखाते हुए 2019 से 2021 के बीच राजस्व रिकार्ड में दर्ज कर दिया गया था। अब इस मामले में केस दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी। डीएम स्तर से जांच के बाद कमिश्नर प्रयागराज और कमिश्नर लखनऊ मंडल ने जांच की थी। इस जांच में तत्कालीन अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरपाल को भी जिम्मेदार पाया गया है।
आरोप है कि जमीन की बिक्री के लिए उन्होंने दस्तावेजों को ठीक से जांचा नहीं। उनके अलावा उस अवधि में सरोजनीनगर एसडीएम पद पर तैनात रहे सूर्यकांत त्रिपाठी, डॉ. संतोष कुमार, शंभु शरण भी जिम्मेदार माने गए हैं। शंभु शरण तब तहसीलदार थे जो बाद में पीएसएस में प्रोन्नत होकर एसडीएम बने।
सूर्यकांत त्रिपाठी ए डी एम मेरठ का यह स्टेटमेंट था कि मैं तदसमय उपजिलाधिकारी के पद पर तैनात था परन्तु कोविड होने के चलते अवकाश पर था। उनके द्वारा बताया गया है कि इस जांच रिपोर्ट में उनका नाम सिर्फ तदसमय उपजिलाधिकारी के रूप में तैनाती के कारण गलती से लिखा गया रहा जिसे आयुक्त महोदय की रिपोर्ट में संशोधित कर दिया गया था। उनका कहना है कि यही संशोधित रिपोर्ट माननीय उच्च न्यायालय में भी दाखिल की गई थी।