सीतापुर: समय चक्र टाइम्स न्यूज, दबंगई के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के मामले में योगी सरकार की नीतियों को जनपद के अधिकारी मानने को तैयार ही नहीं हैं। ताजा मामला कोतवाली व तहसील मिश्रिख क्षेत्र के ग्राम मिश्रापुर परगना मछरेहटा का है। गाँव के तीन दबंग परिवारों ने खुलेआम गुंडाराज का प्रदर्शन कर स्वयं से अपने अंश का निर्धारण कर लेखपाल व राजस्व निरीक्षक के निर्देशों की अनदेखी करते हुए एलानिया कब्जा कर लिया पीड़ित महिला अवैध कब्जा रुकवाने हेतु जिलाधिकारी उपजिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक प्रभारी निरीक्षक व 112 नम्बर पुलिस से खुलेआम विधिविरुद्ध कब्जे को रुकवाने की गुहार करती रही लेखपाल व राजस्व निरीक्षक के साथ भी दबंगो द्वारा गालीगलौज कर निर्देशों को न मानते हुए खुलेआम कब्जे की प्रक्रिया जारी रखी गयी महिला सशक्तिकरण की बात करने वाली सरकार गुंडाराज को जड़ से समाप्त करने वाली सरकार के अधिकारियों द्वारा मामले की अनदेखी कर दबंगो के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई और मामला न्यायालय में विचाराधीन बता कार्यवाही न्यायोचित नही है कहा गया।क्या जो मामला न्यायालय में विचाराधीन हो उसमें दबंगो बाहुबलियों को मनमानी करने की छूट शासन द्वारा मिली हुई है यदि ऐसा नही है तो भू माफिया जैसे कृत्य करने वाले दलित महिला के आरोपी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा जमाए बैठे दबंगो पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है सिर्फ जन सुनवाई पोर्टल पर आख्याएँ प्रस्तुत कर अधिकारी मौन क्यों हैं। यक्ष प्रश्न है शासन प्रशासन का मूकदर्शक बने रहना सरकारी तंत्र एक बदनुमा दाग है पारदर्शी सरकार के दावे मिथ्या हैं।