आज दिनांक 25.03.2025 को नवयुग कन्या महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना के साथ दिवसीय विशेष शिविर के सप्तम दिवस को शिविर के समापन समारोह का रामलीला मैदान ऐशबाग लखनऊ में धूमधाम से आयोजन किया गया। सप्त दिवसीय विशेष शिविर के लिए इस वर्ष की थीम यूथ फॉर माय भारत एंड यूथ फॉर डिजिटल लिटरेसी थी। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ अमरेंद्र कुमार, कोऑर्डिनेटर, राष्ट्रीय सेवा योजना, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ वंदना द्विवेदी, पूर्व एन एस एस कार्यक्रम अधिकारी तथा डॉ विनीता सिंह, विभागाध्यक्ष, समाजशास्त्र उपस्थित रहे। समापन समारोह का प्रारंभ प्रभारी प्राचार्या मेजर (डॉ) मनमीत कौर सोढ़ी तथा अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर तथा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। मुख्य अतिथि का स्वागत पौध करके किया गया। इसके बाद स्वयं सेविकाओं द्वारा सरस्वती वंदना तथा लक्ष्य गीत प्रस्तुत किया गया। मेजर (डॉ) मनमीत कौर सोढ़ी ने अपने उद्बोधन में छात्राओं को बधाई तथा आशीर्वाद देते हुए शिविर में सीखे गए कौशलों तथा प्राप्त जानकारियों का अपने जीवन में उपयोग करने हेतु प्रेरित किया। तत्पश्चात डॉ मनीषा बड़ौनियां द्वारा सप्त दिवसीय विशेष शिविर की रिपोर्ट पढ़ी गई। उन्होंने बताया कि इस सप्त दिवसीय शिविर में समय-समय पर छात्राओं हेतु महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यानों का आयोजन किया गया। स्वयंसेविकाओं के लिए सड़क सुरक्षा, यातायात नियम, पेंटिंग, कढ़ाई कौशल, टाई एंड डाई इत्यादि पर कार्यशालाओं का आयोजन भी किया गया। स्वयंसेविकाओं को सशक्त बनाने हेतु एन सी सी अधिकारी मेजर (डॉ) मनमीत कौर सोढ़ी द्वारा उन्हें आत्म रक्षा की तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया गया। मेजर सोढ़ी के निर्देशन में एन सी सी कैडेट्स द्वारा जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने हेतु एक लघु नाटिका भी प्रस्तुत की गई। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों के संरक्षण में छात्राओं द्वारा शिविर स्थल की साफ सफाई की गई तथा मालिन बस्ती में जाकर लोगों को जल संरक्षण, स्वच्छता, डिजिटल लिटरेसी, पॉलिथीन का प्रयोग न करने इत्यादि महत्वपूर्ण मुद्दों पर जागरूक भी किया गया। छात्राओं के लिए विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई जिसमें स्वयं सेविकाओं ने बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया। तत्पश्चात मुख्य अतिथि डॉ अमरेंद्र कुमार ने स्वयंसेविकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस सप्तदिवसीय शिविर में विभिन्न कार्यशालाओं, व्याख्यानों, तथा क्रियाकलापों के माध्यम से उन्हें संपूर्ण व्यक्तित्व विकास का अवसर प्राप्त हुआ है जिसका उपयोग करके उन्हें अपने जीवन में सकारात्मक विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेविकाओं को समाज की आवश्यकताओं को समझने तथा समाज के लिए कल्याणकारी कार्य करने का अवसर प्रदान करती है।समापन समारोह में छात्राओं द्वारा विविध संस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। शिविर के दौरान आयोजित की गई प्रतियोगिताओं की विजेता छात्राओं को मुख्य अतिथि द्वारा सर्टिफिकेट प्रदान किया गया तथा उज्जवल भविष्य हेतु शुभकामना दी गई। इस अवसर पर महाविद्यालय की सम्मानित प्रवक्ताएं डॉ अंजुला कुमारी, सुश्री दीक्षा तथा श्रीमती नीलम उपस्थिति रहीं। सप्तदिवसीय शिविर के दौरान स्वयं सेविकाओं द्वारा बनाई गई सुंदर कलाकृतियों, कार्ड, पेंटिंग्स, पोस्टर्, स्लोगन तथा टाई एंड डाई किए गए दुपट्टों का प्रदर्शन भी किया गया जिसकी अतिथियों द्वारा भूरी भूरी प्रशंसा की गई।
कार्यक्रम का सफल संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारियों डॉ ऐश्वर्या सिंह, डॉ श्वेता उपाध्याय धर, डॉ मनीषा बड़ौनियां तथा डॉ चंदन मौर्या द्वारा किया गया।