अयोध्या। अयोध्या के राम पथ स्थित त्रिवेणी सदन में आज सुबह भीषण आग लग गई। इस घटना के बाद, आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की तीन टीमों को तैनात किया गया। आग की भीषणता को देखते हुए फायर ब्रिगेड को दरवाजे तोड़कर अंदर घुसना पड़ा।सीएफओ महेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, इस अग्निकांड में कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड कर्मियों को काफी मेहनत करनी पड़ी। त्रिवेणी सदन की तीसरी मंजिल के डोरमेट्री एरिया में आग लगी थी, और सभी दरवाजे बंद थे, जिससे आग बुझाने में कठिनाई आई। इस घटना से यह संकेत मिलता है कि कुछ लापरवाही बरती गई थी।
अयोध्या विकास प्राधिकरण की जांच की घोषणा
आग लगने के बाद, अयोध्या विकास प्राधिकरण ने घटना के कारणों की जांच की घोषणा की है। सचिव सत्येंद्र सिंह ने बताया कि त्रिवेणी सदन को अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा बनवाया गया था, और इसमें सभी जरूरी एनओसी और अग्निशमन उपकरण मौजूद थे। हालांकि, सुख सागर संस्था इस बिल्डिंग का संचालन कर रही थी, और यदि उनकी तरफ से किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सुख सागर संस्था की जिम्मेदारी
अयोध्या विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि बिल्डिंग बायलॉज के मुताबिक बनाई गई थी और फायर एनओसी भी ली गई थी। सुखसागर हॉस्पिटैलिटी को इस बिल्डिंग के प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई थी। प्राधिकरण का कहना है कि यदि सुखसागर संस्था की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो उनकी जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच की जाएगी।