शादी अनुदान योजना के लिए पर्याप्त आवेदन ही नहीं आये
मथुरा। जनपद में संचालित सरकार की कई जनता की मददगार योजनाएं लक्ष्य से पिछड गई हैं। युवाओं को लोन देने में बैंकों ने चालू वित्त वर्ष में अब तक कम रूचि दिखाई है। चालू वित्त वर्ष में लक्ष्य के सापेक्ष आधे लोन भी नहीं दिये जा सके हैं। सीडीओ मनीष मीना ने अब 25 मार्च तक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश बैंकों को दिये हैं। साथ ही लापरवाह बैंक मैनेजरों के खिलाफ कार्यवाही की बात भी कही है। मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना द्वारा राजीव भवन सभागार में मुख्य मंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना की समीक्षा की गई। बैठक में सभी बैंकों के शाखा प्रबंधक व जिला समन्वयक उपस्थित रहे। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा इस योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु अभियान चला कर लक्ष्यों की शत प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। समीक्षा के दौरान पाया गया कि बैंकों में 1000 के लक्ष्य के सापेक्ष 1663 आवेदन अग्रेषित किए गए। जिसमें से 401 आवेदन पत्र स्वीकृत कर दिए गए हैं साथ ही 227 आवेदन पत्रों पर वितरण की कार्यवाही कर दी गई हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफ सी,पीएनबी की बैंक शाखाओं में अत्यधिक लंबित आवेदन होने पर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा गहरा रोष व्यक्त करते हुए इन बैंकों के शाखा प्रबंधकों की लचर प्रवृत्ति के चलते इनके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश अग्रणी जिला प्रबंधक को दिए गए गया। सभी उपस्थित शाखा प्रबंधकों को 25 मार्च तक लंबित आवेदनों को स्वीकृत कर वितरित किए जाने के निर्देश दिए गए ।
यह योजना भी लक्ष्य से पिछडी
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित शादी अनुदान योजना भी लक्ष्य से पिछड गई है। जितना लक्ष्य प्राप्त हुआ उतने तो आवेदन ही नहीं आये। जबकि इनकी पात्रता भी परखी जानी है। अंतर्गत सामान्य जाति एवं अनुसूचित जाति के लिए जनपद को 64 और 122 क्रमशः का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके सापेक्ष अभी तक कुल 112 आवेदन ऑनलाइन किए गए हैं जो कि अभी भी लक्ष्य से कम है। इस योजना के अंतर्गत कन्या के विवाह को 20000 की आर्थिक सहायता का लाभ दिया जाता है। योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आवेदक का इस योजना का लाभ उठाने के लिए गरीबी रेखा से नीचे का होना आवश्यक है। इस योजना में शादी के तिथि निर्धारित होने के 90 दिन पहले और 90 दिन के बाद आवेदन पत्र किया जा सकता है। परंतु वित्तीय वर्ष समाप्ति के उपरांत योजना का लाभ देय नहीं होता है।