दिनांक 26 मार्च 2025 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान विभूति खंड गोमती नगर लखनऊ में ईट राइट ईट हेल्थी एंड सेफ की थीम पर ईट राइट मेला 2025 का आयोजन” भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा किया गया।जिसमें प्राचार्य प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय के निर्देशन में एवं मेजर(डॉक्टर) मनमीत कौर सोढी के नेतृत्व में महाविद्यालय की एन सी सी कैडेटस् ने “वाकाथन प्रतियोगिता “में प्रतिभाग लिया ।” बालिकाओं के समग्र विकास में पोषण की भूमिका” विषय पर पैनल डिस्कशन में वक्ता के रूप में
डॉ वंदना द्विवेदी एसोसिएट प्रोफेसर, संस्कृत विभाग नवयुग कन्या महाविद्यालय राजेंद्र नगर लखनऊ ने “थाली से प्रगति तक बालिकाओं के समग्र विकास में पोषण की भूमिका” विषय परअपने विचार साझा किये तथा श्री अन्न (मिलेट्स )के महत्व को भी बताया उन्होंने कहा कि मोटे अनाज के सेवन करने से हमें सभी पौष्टिक तत्व प्राप्त हो जाते हैं और हमारा स्वास्थ्य ठीक रहता है एनीमिया एवं कैल्शियम की कमी भी नहीं होती है हमारा आहार संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर होना चाहिए बालिकाओं के लिए पोषण का महत्व और भी अधिक हो जाता है क्योंकि वे न केवल वर्तमान समाज की आधारशिला है बल्कि आने वाले पीढ़ियों की भी संरक्षिका भी है एक संतुलित थाली जिसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट ,विटामिन, खनिज और फाइबर केवल शरीर को शक्ति देती है बल्कि सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ाती है किशोरावस्था में यह पोषण विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि यह समय शारीरिक और मानसिक बदलाव का होता है कुपोषण एक मौन चुनौती है दुख की बात है कि आज भी भारत में लाखों बालिकाएं कुपोषण का शिकार है राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार ग्रामीण भारत में कई किशोरियों (एनीमिया) रक्त की कमी से पीड़ित है ।जागरूकता का अभाव लिंग आधारित भेदभाव और गरीबी आदि अक्सर देखा जाता है कि परिवारों में बेटियों की थाली में सबसे अंत में खाना पहुंचता है और वह भी आधा अधूरा ऐसी स्थिति में उनका शारीरिक विकास प्रभावित होता ही है साथ में पढ़ाई- लिखाई खेलकूद और सामाजिक जीवन में भागीदारी भी उनकी सीमित हो जाती है पोषण से ही आत्मनिर्भरता का भी संबंध परि लक्षित होता है एक स्वस्थ बालिका ही आत्मविश्वास से भरी होगी वह पढ़ाई में भी आगे बढ़ेगी अपने कैरियर का निर्माण करेंगी और अपने अधिकारों के लिए खड़ी होगी। केवल सरकारी योजनाओं से ही बदलाव संभव नहीं है समाज के हर वर्ग माता-पिता शिक्षकों स्वास्थ्य कर्मियों और स्वयं से भी संगठनों को भी मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि हर बालिक की थाली में पोषण हो, प्यार हो, और पहचान हो। इस अवसर पर फूड एंड ड्रग असिस्टेंट कमिश्नर विजय प्रताप सिंह, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के सीनियर डाइटिशियन डॉ शालिनी श्रीवास्तव तथा उनकी टीम एवं अन्य महाविद्यालयों की सम्मानित शिक्षिकाएं एवं छात्राएं तथा अन्य जनमानस भी उपस्थित रहे। इस अवसरपर पैनल डिस्कशन में भाग लेने वालों को प्रमाण पत्र एवं प्रशस्ति पत्र स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।